❝“जीत” किसके लिए, ‘हार’ किसके लिए, ‘ज़िंदगी भर’ ये ‘तकरार’ किसके लिए… जो भी ‘आया’ है वो ‘जायेगा’ एक दिन, फिर ये इतना “अहंकार” किसके लिए…❞

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  • Four precious gems चार कीमती रत्न

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    20 Apr 2016

     चार कीमती रत्न:-

    1~पहला रत्न है: "माफी"
    तुम्हारे लिए कोई कुछ भी कहे, तुम उसकी बात को कभी अपने मन में न बिठाना, और ना ही उसके लिए कभी प्रतिकार की भावना मन में रखना, बल्कि उसे माफ़ कर देना।

    2~दूसरा रत्न है: "भूल जाना"
    अपने द्वारा दूसरों के प्रति किये गए उ…

  • Laakhon rupe kharch karake bhee sanskaar nahee khareede

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    25 Apr 2016

    laakhon rupe kharch karake bhee sanskaar nahee khareede jaate

    गाँव के कुएँ पर 3 महिलाएँ पानी भर रही थीं।

    तभी एक महिला का बेटा वहाँ से गुजरा।
    उसकी माँ बोली---" वो देखो, मेरा बेटा,
                                 इंग्लिश मीडियम में है। "

    थोड़ी देर बाद दूसरी …

  • Kya khub likha he ? क्या खुब लिखा है...

    Category : Other, General By : Rajesh
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    25 Apr 2016

    क्या खुब लिखा है...

              पायल हज़ारो रूपये में आती है पर पैरो में पहनी जाती है... और... बिंदी 1  रूपये में आती है मगर माथे पर सजाई जाती है... इसलिए कीमत मायने नहीं रखती उसका कृत्य मायने रखता हैं...
                     एक किताबघर में पड़ी गीता और कुरान…

  • Union of strength संगठन में शक्ति है

    Category : Motivational By : Jai Prakash
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    20 Apr 2016

     

     

     

     Union of strength

    संगठन घड़ी के सुईयों जैसा होना चाहिए...
    भले एक फ़ास्ट हो
    भले एक स्लो हो
    भले एक बड़ा हो
    भले एक छोटा हो
    लेकिन किसी की 12 बजानी हो तो ये सब एक साथ हो जाए।
    संगठन में शक्ति है

     

  • Cow and Insan

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    20 Apr 2016

    एक बार एक कसाई गाय को काट रहा था और गाय हँस रही थी....

    ये सब देख के कसाई बोला..   "मै तुम्हे मार रहा हू  और तुम मुझपर हँस क्यो रही हो...?"

    गाय बोलीः जिन्दगी भर मैने घास के सिवा कुछ नही खाया...
    फिर भी मेरी मौत इतनी दर्दनाक है. तो हे इंसान जरा सोच

    तु मु…