❝Truth can be stated in a thousand different ways, yet each one can be true.❞

Posts in "Spiritual - Related to God" Category

  • Maa Durga ki aarti - दुर्गा जी की आरती

    Comments
    0
    Views
    554
    Posted
    22 Sep 2017

    श्री दुर्गा जी की आरती

    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी |
    तुमको निशि दिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ||

    मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को |
    उज्ज्वल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको ||

    कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै |
    रक्तपुष्प गल माला, कंठन पार साजै ||

    केहरि व…

  • महाकुंभ मेला | Mahakumbh Mela

    Comments
    0
    Views
    744
    Posted
    04 Jan 2025

    हिंदू धर्म में, एक धार्मिक तीर्थयात्रा है जिसको कुम्भ के नाम से जाना जाता है महाकुंभ मेला हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार यह दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक पवित्र त्यौहार और आस्था का सामूहिक कार्य है। इस जमावड़े में मुख्य रूप से नागा साधु, तपस्वी, संत,…

  • श्रीरामरक्षास्तोत्रम् - Shriram Raksha Stotram

    Comments
    0
    Views
    1555
    Posted
    12 Jul 2024

    श्रीरामरक्षास्तोत्रम्


    बुधकौशिक नामक ऋषि द्वारा भगवान श्रीराम की स्तुति में रचा गया स्तोत्र है।

    ॥ श्रीरामरक्षास्तोत्रम् ॥

    ॥ श्रीगणेशायनम: ॥

    ॥ विनियोग ॥

     

     

    अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य। बुधकौशिक ऋषि:।

    श्रीसीतारामचंद्रोदेवता।

    अनुष्ट…

  • Correct Version of Hanuman Chalisa | हनुमान चालीसा

    Comments
    0
    Views
    469691
    Posted
    06 Apr 2023

    श्री हनुमान चालीसा | Correct Hanuman Chalisa | Correct Lyrics of Hanuman Chalisa

    हम यहा हनुमान चालीसा का संसोधित रूप बता रहे ॰ जो ग़लतियाँ चली आ रही है कृपया उन्हें आज ही सही करे ओर हनुमान चालीसा से मनवांछित फल पाए।

    दोहा :
    श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज म…

  • श्रीराम स्तुति Shree ram satuti ramchandra kripalu..

    Comments
    0
    Views
    1959
    Posted
    24 Aug 2024

     ॥  श्रीराम स्तुति ॥ श्रीरामचन्द्र कृपालु ॥ Shree Ram Satuti

     

    श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं ।
    नव कञ्ज लोचन कञ्ज मुख कर कञ्ज पद कञ्जारुणं ॥१॥

    कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं ।
    पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरं…